यह रीति-रिवाज Madhur Bazar मधुर मतका नाम से जानी जाती है, जो मप्र के जंगलों में व्याप्त है. यह विशिष्ट रूप आमतौर पर नृत्यांगनाएं प्रस्तुत करती हैं तथा इस नृत्य में वनस्पति और देहाती जीवन की अभिव्यक्ति शामिल . यह परंपरा क्षेत्रीय धरोहर का एक हिस्सा है.